Horror stories, Story

रात 3 बजे मेरे फोन में आया उस लड़की का कॉल, जो 2 साल पहले मर चुकी थी

Posted on July 28, 2026 by My Hindi Stories

A frightened man receiving a mysterious 3 AM phone call while a ghostly girl appears in a dark room, representing a suspenseful Hindi horror story

अगर आपको रहस्य और अलौकिक घटनाओं से जुड़ी डरावनी हिंदी कहानियाँ पसंद हैं, तो “रात 3 बजे मेरे फोन में आया उस लड़की का कॉल, जो 2 साल पहले मर चुकी थी” एक ऐसी Horror Story in Hindi है जो सस्पेंस, अपराधबोध और अनसुलझे रहस्यों को रोमांचक अंदाज़ में पेश करती है। हर कॉल के साथ बढ़ता डर और चौंकाने वाला अंत इस काल्पनिक कहानी को यादगार बना देता है।

नोट: यह एक काल्पनिक हॉरर कहानी है, जिसका उद्देश्य केवल मनोरंजन है।

मेरा नाम विक्की है। 2019 की बात है। मेरी बेस्ट फ्रेंड थी रिया। हम एक ही सोसाइटी में रहते थे। रिया थोड़ी अजीब थी – रात को देर तक छत पर अकेली बैठी रहती, पुराने हिंदी गाने सुनती। उसका फेवरेट गाना था – “ये रातें ये मौसम…”

फिर एक दिन वो गायब हो गई। 3 दिन बाद उसकी लाश नाले में मिली। गला दबाया हुआ था। पुलिस ने केस बंद कर दिया – “लूटपाट में हत्या”। मैं टूट गया था। उसके फोन का लास्ट कॉल मेरे नंबर पर था – रात 2:58 बजे। लेकिन जब मैंने उठाया था, लाइन कट गई थी।

उसके बाद मैंने अपना फोन नंबर बदल लिया। पुराना नंबर किसी को नहीं दिया। नया नंबर सिर्फ फैमिली और 4-5 दोस्तों को।

फिर आया 10 दिसंबर 2021 का दिन। रात ठीक 3 बजे। मैं सोने की कोशिश कर रहा था। अचानक मेरा फोन बजा। स्क्रीन पर लिखा था – “Riya Calling…” उसका पुराना नंबर। जो 2 साल से बंद पड़ा था।

मैंने हाथ काँपते हुए कॉल उठाया। लाइन में सिर्फ साँसें थीं… और दूर से वही गाना – “ये रातें ये मौसम…” फिर उसकी आवाज आई – ठीक वैसी ही जैसी पहले थी – “विक्की… मैं घर आ रही हूँ… दरवाजा खोल के रखना…”

मैं चीखा और फोन काट दिया। फोन फिर बजा। 10 बार। हर बार वही नंबर। मैंने फोन ऑफ कर दिया।

फिर घंटी बजी। मेन डोर की। रात 3:15 बजे। मैंने कैट-आई से देखा – कोई नहीं था। लेकिन घंटी बजती रही। मैंने दरवाजा नहीं खोला।

सुबह 6 बजे नींद खुली। दरवाजे पर एक लिफाफा पड़ा था। अंदर रिया की पुरानी फोटो और एक चिट – “तूने दरवाजा नहीं खोला ना… कोई बात नहीं। मैं तो अंदर ही हूँ।”

मैंने पूरा घर छान मारा। कुछ नहीं मिला। फिर शाम को मुझे याद आया – रिया की लाश मिलने से एक हफ्ता पहले उसने मुझसे कहा था – “विक्की, अगर कभी मैं मर जाऊँ तो मेरी आखिरी फोटो अपने पास रखना… और मेरे फोन को कभी डिस्ट्रॉय मत करना।”

उसके फोन को पुलिस ने केस बंद करने के बाद मुझे दे दिया था। मैंने उसे एक ड्रॉअर में बंद करके रखा था। बैटरी हटाई हुई थी।

मैंने डरते हुए ड्रॉअर खोला। फोन गायब था।

उस रात फिर 3 बजे कॉल आया। इस बार मैंने उठाया। रिया की आवाज – “अब फोन भी मेरे पास है… और मैं भी तेरे पास हूँ। बस एक काम कर… मेरे कातिल को बता दे कि मैं आ गई हूँ।”

मैंने काँपते हुए पूछा – “कौन है तेरा कातिल?” लाइन में हँसी गूँजी… और फिर उसने नाम लिया – “तू जानता है विक्की… तू ही तो था उस रात मेरे साथ नाले के पास। तूने ही मेरा गला दबाया था… क्योंकि मैंने तुझे छोड़ने से मना कर दिया था।”

मेरा दिमाग सुन्न हो गया। मैंने फोन फेंका। पुलिस को कॉल किया। पुलिस आई। उन्होंने मेरा फोन चेक किया – कोई कॉल नहीं आया था। मेरा फोन पूरी रात ऑफ था।

फिर उन्होंने मेरे घर की तलाशी ली। बेड के नीचे से मिला रिया का पुराना फोन। बैटरी लगी हुई थी। लास्ट कॉल – मेरा नंबर। टाइम – रात 3 बजे।

पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। मैं कुछ समझा नहीं पाया। मैंने रिया को मारा ही नहीं था।

फिर कोर्ट में पता चला – मैं सोम्नाम्बुलिज़्म (नींद में चलने की बीमारी) का मरीज था। उस रात मैं नींद में चलकर नाले पर गया था। रिया मुझसे मिलने आई थी। मैंने नींद में उसका गला दबा दिया था। सुबह मुझे कुछ याद नहीं था।

रिया की आत्मा 2 साल तक इंतज़ार करती रही कि मैं कबूल करूँ। जब मैंने कबूल नहीं किया… तो उसने खुद सबूत दे दिए।

आज मैं जेल में हूँ। हर रात 3 बजे मेरे सेल का बल्ब फ्लिकर करता है। और दूर से आता है वही गाना – “ये रातें ये मौसम… और ये दोस्ती का साथ…”

अगर तुम भी कभी रात 3 बजे अकेले हो… और तुम्हारा फोन बजे… तो उठाना मत। कभी-कभी मरने वाले सच बोलने आते हैं।

कमेंट में सिर्फ “3 बजे” लिखो अगर हिम्मत है। और इस कहानी को उस दोस्त को भेजो जिसके साथ तुम रात में सबसे ज्यादा बात करते हो। देखते हैं कौन उठाता है 3 बजे का कॉल। 😈

रात में अकेले मत पढ़ना… मैंने वार्निंग दे दी।

“रात 3 बजे मेरे फोन में आया उस लड़की का कॉल” एक काल्पनिक हॉरर कहानी है जो रहस्य, अपराधबोध और अलौकिक घटनाओं को मिलाकर एक रोमांचक अनुभव देती है। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन है, लेकिन यह कहानी यह भी याद दिलाती है कि कभी-कभी सबसे डरावनी चीज़ें हमारे अपने डर और अनसुलझे सवाल होते हैं।

अगर आपको यह हॉरर कहानी पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। नीचे कमेंट करके बताइए—कहानी का सबसे डरावना पल आपको कौन-सा लगा? ऐसी ही भूतिया, सस्पेंस और रहस्यमयी हिंदी कहानियाँ पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट पर नियमित रूप से विज़िट करें।

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