बीवी ने धोखा दिया कहानी सिर्फ एक रिश्ते के टूटने की नहीं, बल्कि एक ऐसे पति की है जिसने गुस्से में गलत फैसला लेने के बजाय चुप रहकर खुद को मजबूत बनाया।
मेरा नाम राहुल है। शादी को पाँच साल हो चुके थे। मेरी पत्नी प्रिया – खूबसूरत, स्मार्ट और बहुत कॉन्फिडेंट थी। वह एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करती थी, जहाँ उसका बॉस राकेश था – लगभग 38 साल का, तलाकशुदा और दिखावे का शौकीन।
शुरुआत में सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे मुझे कुछ अजीब लगने लगा। प्रिया देर रात तक “ऑफिस मीटिंग” में रहती, फोन हमेशा लॉक रहता और बात-बात पर चिढ़ जाती।
एक दिन शक यकीन में बदल गया।
जब मैंने उसका पुराना लैपटॉप खोला, तो मेरी दुनिया हिल गई। तीन साल पुराना रिश्ता, होटल बुकिंग्स, गिफ्ट्स, और “I love you” से भरी चैट्स — सब कुछ सामने था।
मैंने उस दिन कोई हंगामा नहीं किया। न लड़ाई, न सवाल।
मैंने चुप रहकर एक फैसला लिया — पहले खुद को मजबूत बनाऊँगा।
नई शुरुआत
उस वक्त मेरी एक छोटी-सी ग्रॉसरी शॉप थी। मैंने उसे बंद किया और एक नया सपना देखा — एक ऑनलाइन किराना डिलीवरी प्लेटफॉर्म।
आठ महीने तक मैंने दिन-रात मेहनत की। लोन लिया, सही लोगों से मिला, टेक्नोलॉजी सीखी और एक छोटी टीम बनाई। कंपनी का नाम रखा — Priya Enterprises।
नाम इसलिए नहीं कि मुझे उससे लगाव था, बल्कि इसलिए कि यह नाम मुझे मेरी सच्चाई याद दिलाता रहे।
धीरे-धीरे कंपनी चल पड़ी।
ज़िंदगी का मोड़
एक दिन प्रिया रोते हुए मेरे पास आई।
राकेश उसे छोड़ चुका था, और उसकी नौकरी भी जा चुकी थी। घर का लोन, खर्च — सब उसकी चिंता बन गए थे।
मैंने शांत स्वर में कहा,
“मैंने एक नई कंपनी शुरू की है। अगर चाहो, तो तुम उसमें HR प्रोफाइल देख सकती हो।”
उसने हामी भर दी।
जब वह ऑफिस आई और कंपनी का नाम देखा, तो कुछ पल के लिए चुप हो गई। मैंने बस इतना कहा,
“यह अब मेरी ज़िंदगी का हिस्सा है… और अगर तुम काम करना चाहो, तो पूरी ईमानदारी से करना होगा।”
सच का सामना
जॉइनिंग के दिन मैंने उससे साफ बात की।
मैंने वह लैपटॉप सामने रखा, जिसमें सब कुछ सेव था।
मैंने कहा,
“यह बदले की बात नहीं है। यह जिम्मेदारी और भरोसे की बात है। अगर हम साथ रहना चाहते हैं, तो सच्चाई और मेहनत दोनों ज़रूरी हैं।”
प्रिया रोई, माफी माँगी। उस दिन पहली बार उसने अपनी गलती स्वीकार की।
आज की सच्चाई
आज दो साल बीत चुके हैं।
Priya Enterprises एक सफल कंपनी है, जिसका सालाना टर्नओवर करोड़ों में है।
प्रिया अब एक जिम्मेदार प्रोफेशनल की तरह काम करती है।
हमारा रिश्ता पहले जैसा नहीं है, लेकिन अब उसमें झूठ नहीं है।
मैंने सीखा कि
बदला सबसे ज़्यादा तब असर करता है, जब आप खुद को इतना मजबूत बना लें कि सामने वाला अपनी गलती खुद देख सके।
रिश्तों और फैसलों की सच्चाई
रिश्तों और फैसलों की सच्चाई
इस बीवी ने धोखा दिया कहानी से यह भी समझ आता है कि हर रिश्ता सिर्फ भावनाओं से नहीं चलता, बल्कि भरोसे और जिम्मेदारी से चलता है। जब भरोसा टूटता है, तो सबसे आसान रास्ता गुस्सा होता है, लेकिन सबसे सही रास्ता आत्म-नियंत्रण होता है।
राहुल ने वही किया जो हर कोई नहीं कर पाता — उसने खुद को साबित किया, न कि सामने वाले को नीचा दिखाने की कोशिश की। यही कारण है कि समय के साथ हालात बदले और सच्चाई सामने आई।
सीख (Moral)
- गुस्से में लिए गए फैसले ज़िंदगी बिगाड़ सकते हैं
- लेकिन धैर्य और मेहनत से लिया गया फैसला ज़िंदगी बदल सकता है
- सच्ची जीत सामने वाले को नीचा दिखाने में नहीं, खुद को ऊपर उठाने में है
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