चतुर खरगोश की जीत शुरू होती है एक हरे-भरे जंगल से, जहाँ सभी जानवर खुशी से रहते थे। लेकिन अचानक जंगल में आया बादल सिंह, एक खूंखार शेर, जिसने हर दिन एक जानवर खाने का आदेश दिया। जंगल के सारे जानवर डर में जीने लगे।
बादल सिंह ने धमकी दी, “हर दिन एक जानवर मेरे पास आए, वरना मैं सबको खा जाऊँगा!” डर के मारे जानवरों ने उसकी बात मान ली।
एक दिन बारी आई छोटे सफेद खरगोश कुशु की। वह ना तेज दौड़ सकता था, ना ताकतवर था, लेकिन उसका दिमाग बहुत तेज़ था। रास्ते में कुशु बैठकर सोचने लगा, “मैं शेर से नहीं लड़ सकता, लेकिन उसे चकमा देकर अपनी जान बचा सकता हूँ।”
चालाक योजना
कुशु जान-बूझकर शेर के पास देर से पहुँचा। गुस्से में शेर ने दहाड़ लगाई, “इतनी देर क्यों की?”
कुशु डरते हुए बोला, “महाराज, मैं अकेला नहीं आया था। पाँच और खरगोश थे, लेकिन रास्ते में एक और शेर मिला। उसने कहा कि वह जंगल का असली राजा है और बाकी सब को खा गया।”
बुद्धि का कमाल
कुशु शेर को एक पुराने कुएँ के पास ले गया। “वही रहता है, महाराज, और कहता है कि आपसे ताकतवर है।” शेर ने कुएँ में झाँका और अपनी परछाईं को देखा। उसे लगा कि यही दूसरा शेर है।
गुस्से में शेर ने परछाईं पर छलांग लगाई और सीधा पानी में गिर गया। बाहर नहीं निकल सका।
जंगल की खुशी
सारा जंगल झूम उठा! जानवर कुशु के पास दौड़े, बोले, “तू छोटा है, लेकिन तेरा दिमाग बहुत बड़ा है।” कुशु मुस्कुराया, “डर के समय, बुद्धि ही सबसे बड़ी ताकत है।”
सीख/Moral
ताकतवर होना ज़रूरी नहीं, लेकिन समझदार होना बहुत ज़रूरी है। बुद्धिमानी और धैर्य से हम किसी भी बड़ी मुश्किल को मात दे सकते हैं।
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