भाई मेरा नाम साहिल है, रहने वाला लखनऊ का। कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ एक लड़की से प्यार हो गया – नाम था नेहा। 5 साल का रिलेशन। रोज़ कॉल, रोज़ घंटों बातें, बर्थडे पर सरप्राइज़, बारिश में भीगना, सब कुछ। मैंने सोच रखा था – बस जॉब लगेगी, शादी कर लूँगा।
फिर 2024 में मेरी जॉब लगी – 12 लाख पैकेज। मैंने नेहा को बताया, बोला – “अब रिंग ले आऊँ?” वो हँस के बोली – “हाँ बाबू, जल्दी करो।”
फिर एक दिन फोन आया नेहा का – “साहिल, मैं शादी नहीं कर सकती। मेरी शादी कहीं और पक्की हो गई।” मैंने पूछा – “किससे?” बोली – “पापा ने पक्की की है… लड़का NRI है, दुबई में रहता है।”
मैंने बस इतना कहा – “ठीक है, खुश रहना।” फोन काट दिया। ब्लॉक कर दिया हर जगह।
शादी का कार्ड आया घर पर। मैंने फाड़ के कूड़े में डाल दिया। लोग ताने मारते – “देखा, गरीब था ना, इसलिए छोड़ गई।”
मैं चुप रहा। और बस काम पर लग गया।
अब असली खेल शुरू।
मैंने अपना सारा टाइम कोडिंग में लगाया। रात-दिन। 6 महीने में एक ऐप बनाया – “ShaadiBecho.com” आईडिया था – लोग अपनी शादी का पूरा सामान (लेहंगा, ज्वेलरी, डेकोरेशन) सेकंड हैंड बेच सकें। ऐप 3 महीने में हिट हो गया। 8 करोड़ वैल्यूएशन। इन्वेस्टर खुद ढूंढते फिरते थे।
फिर आया नेहा की शादी का टाइम। शादी भव्य थी। लेहंगा – 18 लाख का। ज्वेलरी – 40 लाख की। हनीमून दुबई।
शादी के 2 महीने बाद नेहा का फोन आया (नया नंबर से) “साहिल… हाल-चाल?” मैंने कहा – “बढ़िया, तू बता?” रोने लगी – “साहिल, वो लड़का फ्रॉड निकला। शादी के 15 दिन बाद पता चला कि वो पहले से शादीशुदा है। अब तलाक का केस चल रहा है। मेरे घरवाले ने सारा सामान बेचने को बोला है।”
मैं चुप रहा। फिर बोला – “अरे यार, हमारा नया ऐप लॉन्च हुआ है – ShaadiBecho.com तू अपना लेहंगा-ज्वेलरी डाल दे, अच्छे पैसे मिल जाएँगे।”
नेहा ने डाला। 18 लाख का लेहंगा – 4 लाख में बिका। ज्वेलरी 40 लाख की – 12 लाख में गई।
फिर मैंने नेहा को कॉल किया – “सुन, हमारी कंपनी में कंटेंट क्रिएटर की जॉब है। 25 हजार सैलरी + रहना-खाना फ्री। बस रील्स बनानी हैं शादी के सामान की। इंटरेस्टेड है?”
नेहा के पास और कोई ऑप्शन नहीं था। वो हाँ कर दी।
अब रोज़ सुबह नेहा कैमरे के सामने खड़ी होती है और बोलती है – “हाय गाइज़, ये लेहंगा मैंने अपनी शादी में पहना था… अब सिर्फ 4 लाख में आपका हो सकता है।”
और मैं बैकग्राउंड में बैठ के चाय पीता हूँ।
कभी-कभी वो रोने लगती है शूट के बीच में। मैं माइक ऑफ कर के बोलता हूँ – “रो मत नेहा… 5 साल तो तूने मुझे यूज़ किया था ना? अब बस 5 साल और। फिर हिसाब बराबर।”
लोग पूछते हैं – “शादी कर लेते यार।” मैं हँस के बोलता हूँ – “शादी में तो आधा माल जाता है भाई… मैंने तो पूरा माल वापस ले लिया, वो भी ब्याज़ समेत।”
अब नेहा जब भी मुझसे कुछ माँगती है, मैं बस एक लाइन बोलता हूँ – “पहले रील्स पूरी कर ले, फिर बात करेंगे।”
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